Wednesday, April 22, 2026

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अखिलेश यादव ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा की, बोले—भारत सरकार को देनी चाहिए पूरी सुरक्षा

अखिलेश यादव ने फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा की और भारत सरकार से उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर और राजनीतिक प्रतिक्रिया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता Farooq Abdullah पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी बड़े राजनीतिक नेता पर इस तरह का हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा,
“दुख है कि इस तरह का अटैक हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए। सुरक्षा का इंतजाम पर्याप्त होना चाहिए। फारूक अब्दुल्ला जी बड़े नेता हैं और भारत सरकार जितनी सुरक्षा दे सकती है, उतनी सुरक्षा उन्हें मिलनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं का सम्मान और सुरक्षा दोनों ही सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मामले की पूरी जांच कराई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश के बड़े नेताओं की सुरक्षा केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थिरता से भी जुड़ा होता है। ऐसे में सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि किसी भी तरह की चूक न हो।

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अखिलेश यादव ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा की, बोले—भारत सरकार को देनी चाहिए पूरी सुरक्षा

अखिलेश यादव ने फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा की और भारत सरकार से उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर और राजनीतिक प्रतिक्रिया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता Farooq Abdullah पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी बड़े राजनीतिक नेता पर इस तरह का हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा,
“दुख है कि इस तरह का अटैक हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए। सुरक्षा का इंतजाम पर्याप्त होना चाहिए। फारूक अब्दुल्ला जी बड़े नेता हैं और भारत सरकार जितनी सुरक्षा दे सकती है, उतनी सुरक्षा उन्हें मिलनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं का सम्मान और सुरक्षा दोनों ही सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मामले की पूरी जांच कराई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश के बड़े नेताओं की सुरक्षा केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थिरता से भी जुड़ा होता है। ऐसे में सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि किसी भी तरह की चूक न हो।

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