लखनऊ।
ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रयासों को नई मजबूती देते हुए ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ को एक नए अधिनियम के रूप में पारित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस अवसर पर इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाला कदम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी, स्थायी आजीविका, कौशल विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करेगा। इस कानून के तहत गांवों में युवाओं, महिलाओं, किसानों और श्रमिकों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना, छोटे उद्योगों और कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करना तथा डिजिटल और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कार्यक्षेत्र से जोड़ना है। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ से गांवों में सतत विकास, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी। यह अधिनियम प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ विजन को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि यह कानून ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ देश की समग्र आर्थिक प्रगति में भी निर्णायक योगदान देगा और आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन का मजबूत आधार बनेगा।



