गोविन्दपुरम स्थित बाला जी इनक्लेव में आयोजित भव्य श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। श्रद्धा और आस्था के संग आयोजित इस ज्ञान यज्ञ महोत्सव में बरसाना से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक कौशल जी महाराज ने श्रीमद् भागवत महापुराण की भावपूर्ण, रसपूर्ण एवं प्रेरणादायक कथा का वाचन किया। कथा श्रवण के लिए कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक कलश यात्रा एवं यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच निकली कलश यात्रा ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कथा के दौरान कौशल जी महाराज ने धर्म, संस्कार, भक्ति और जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
इस अवसर पर गरिमा सक्सेना ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों में संस्कार और चेतना का विकास होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल, रील और नकारात्मक आदतों से दूर रखकर भजन, कीर्तन और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, जिससे वे संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
आयोजकों ने कहा कि समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण और नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए इस प्रकार के धार्मिक आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
इस अवसर पर आशा सक्सेना, रविंद्र सक्सेना, पूजा मीना, कृष्णा, गरिमा सक्सेना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कौशल जी महाराज की ओजस्वी वाणी और मधुर प्रवचन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।



