Thursday, April 16, 2026

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: उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 18% पहुँची, योगी आदित्यनाथ का बयान

बीते 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 7% से बढ़कर 18% हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की मेहनत और सरकारी योजनाओं को बताया कारण।

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कृषि प्रगति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बीते आठ वर्षों में ईमानदारी से किए गए प्रयासों और ठोस नीतिगत कदमों के कारण प्रदेश की कृषि विकास दर 7 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रदेश के अन्नदाता किसानों की मेहनत, समर्पण और सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं को दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश का किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा था। सिंचाई की कमी, फसल बीमा का अभाव, बिचौलियों की भूमिका और उचित मूल्य न मिलने से किसान हताश था। लेकिन बीते आठ वर्षों में सरकार ने कृषि को विकास का प्रमुख आधार बनाते हुए व्यापक सुधार किए।

सरकार द्वारा सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीजों की उपलब्धता और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदमों से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही गन्ना किसानों का बकाया भुगतान समय पर सुनिश्चित करना और मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना भी कृषि विकास में सहायक सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की कृषि अब केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का माध्यम बन रही है। आधुनिक तकनीक, कृषि आधारित उद्योगों और मूल्य संवर्धन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।

योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने किसानों को विकास की इस यात्रा का केंद्र बताते हुए कहा कि “किसान खुशहाल होगा, तभी प्रदेश और देश समृद्ध होगा।”

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: उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 18% पहुँची, योगी आदित्यनाथ का बयान

बीते 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 7% से बढ़कर 18% हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की मेहनत और सरकारी योजनाओं को बताया कारण।

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कृषि प्रगति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बीते आठ वर्षों में ईमानदारी से किए गए प्रयासों और ठोस नीतिगत कदमों के कारण प्रदेश की कृषि विकास दर 7 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रदेश के अन्नदाता किसानों की मेहनत, समर्पण और सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं को दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश का किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा था। सिंचाई की कमी, फसल बीमा का अभाव, बिचौलियों की भूमिका और उचित मूल्य न मिलने से किसान हताश था। लेकिन बीते आठ वर्षों में सरकार ने कृषि को विकास का प्रमुख आधार बनाते हुए व्यापक सुधार किए।

सरकार द्वारा सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीजों की उपलब्धता और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदमों से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही गन्ना किसानों का बकाया भुगतान समय पर सुनिश्चित करना और मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना भी कृषि विकास में सहायक सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की कृषि अब केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का माध्यम बन रही है। आधुनिक तकनीक, कृषि आधारित उद्योगों और मूल्य संवर्धन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।

योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने किसानों को विकास की इस यात्रा का केंद्र बताते हुए कहा कि “किसान खुशहाल होगा, तभी प्रदेश और देश समृद्ध होगा।”

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