लखनऊ।
उत्तर प्रदेश ने पिछले साढ़े आठ से नौ वर्षों में आर्थिक क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज करते हुए देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि को प्रदेश की सुशासन आधारित नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रतिफल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर प्रयासों और ठोस फैसलों के कारण आज देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 9.5 से 10 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक विकास, बेहतर कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विस्तार और रोजगार सृजन का प्रत्यक्ष प्रमाण है
बीते वर्षों में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर, निवेश सम्मेलन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बनाया है। सरकार की “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP) योजना ने स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को नई पहचान दी है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप, पर्यटन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में संतुलित विकास ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। साथ ही, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण से जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब नीति, नीयत और नेतृत्व स्पष्ट हो, तो विकास की गति अपने आप तेज हो जाती है।”



