मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और भाई-भतीजावाद जैसे आरोप आम बात थे, जिससे युवाओं का भरोसा टूट रहा था। वर्तमान सरकार ने इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित और समयबद्ध भर्ती व्यवस्था लागू की है।
सरकार द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट जैसे उपाय अपनाए गए हैं। इन सुधारों के चलते चयन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और योग्य उम्मीदवारों को समय पर नियुक्ति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में लाखों पदों पर निष्पक्ष ढंग से भर्तियां की गई हैं। समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर और मेरिट आधारित चयन प्रणाली से युवाओं का भरोसा सरकार पर फिर से मजबूत हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सुशासन का आधार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सरकार ने नियुक्तियों को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर उपयुक्त तंत्र विकसित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार बीते वर्षों में सरकारी भर्तियों को लेकर जो अविश्वास और आरोप लगते थे, उन पर अब प्रभावी रूप से विराम लग चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और भाई-भतीजावाद जैसे आरोप आम बात थे, जिससे युवाओं का भरोसा टूट रहा था। वर्तमान सरकार ने इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित और समयबद्ध भर्ती व्यवस्था लागू की है।
सरकार द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट जैसे उपाय अपनाए गए हैं। इन सुधारों के चलते चयन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और योग्य उम्मीदवारों को समय पर नियुक्ति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में लाखों पदों पर निष्पक्ष ढंग से भर्तियां की गई हैं। समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर और मेरिट आधारित चयन प्रणाली से युवाओं का भरोसा सरकार पर फिर से मजबूत हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सुशासन का आधार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।



