Sunday, August 2, 2026

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जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां-बेटे की दर्दनाक कहानी ने झकझोरा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

क्रूज हादसे में 9 मौतें, कई लापता — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Bargi Dam में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना में सामने आई एक मां और उसके बच्चे की भावुक कहानी ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों को एक ऐसा दृश्य मिला, जिसने सभी को भावुक कर दिया। पानी के भीतर मिले शवों में एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए थी। कठिन परिस्थितियों में भी उसने अपने बच्चे को मजबूती से पकड़े रखा।

डाइविंग टीम के अनुसार, पानी में विजिबिलिटी बेहद कम थी और क्रूज का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। लोहे के ढांचे और मलबे के बीच फंसे शवों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

National Disaster Response Force (NDRF) और पैरामिलिट्री टीमों ने मिलकर अब तक 9 शवों को बाहर निकाला है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद बचे लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि तूफान के दौरान क्रूज में लाइफ जैकेट्स उपलब्ध नहीं थीं और चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिसमें इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम लोगों की जान पर भारी पड़ती रहेगी

International

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जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां-बेटे की दर्दनाक कहानी ने झकझोरा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

क्रूज हादसे में 9 मौतें, कई लापता — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Bargi Dam में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना में सामने आई एक मां और उसके बच्चे की भावुक कहानी ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों को एक ऐसा दृश्य मिला, जिसने सभी को भावुक कर दिया। पानी के भीतर मिले शवों में एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए थी। कठिन परिस्थितियों में भी उसने अपने बच्चे को मजबूती से पकड़े रखा।

डाइविंग टीम के अनुसार, पानी में विजिबिलिटी बेहद कम थी और क्रूज का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। लोहे के ढांचे और मलबे के बीच फंसे शवों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

National Disaster Response Force (NDRF) और पैरामिलिट्री टीमों ने मिलकर अब तक 9 शवों को बाहर निकाला है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद बचे लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि तूफान के दौरान क्रूज में लाइफ जैकेट्स उपलब्ध नहीं थीं और चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिसमें इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम लोगों की जान पर भारी पड़ती रहेगी

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