19 मार्च को प्रस्तावित ‘चलो दिल्ली’ अभियान को लेकर जाट किसानों के बीच हलचल तेज हो गई है। हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में किसान संगठनों द्वारा बैठकें की जा रही हैं और बड़ी संख्या में किसानों के दिल्ली पहुंचने की तैयारी की जा रही है।
किसान नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम किसानों से जुड़े मुद्दों और मांगों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। कई जगहों पर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च की तैयारी भी शुरू कर दी है। गांव-गांव में किसानों को एकजुट होने का संदेश दिया जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में किसानों ने बताया कि वे 19 मार्च को शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली की ओर कूच करेंगे। किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।
उधर प्रशासन भी इस कार्यक्रम को देखते हुए सतर्क हो गया है। दिल्ली और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कई किसान संगठनों ने कहा है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने की अपील की गई है। किसानों का मानना है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
19 मार्च को होने वाले इस ‘चलो दिल्ली’ अभियान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस कार्यक्रम में कितनी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचते हैं और आगे की रणनीति क्या होगी।



