Sunday, April 19, 2026

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NITRA सम्मेलन में बड़ा खुलासा – किसानों के लिए नई क्रांति

गिरिराज सिंह और राकेश सचान ने किया उद्घाटन, किसानों के लिए नई उम्मीद बनी मिल्कवीड खेती

गाजियाबाद के निटरा (NITRA) में 9 अप्रैल 2026 को “सुरक्षात्मक वस्त्रों में नवाचार” विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

सम्मेलन में KVIC की CEO रूप राशी, संयुक्त सचिव मनीषा चटर्जी, चेयरमैन विदित जैन और महानिदेशक डॉ. एम.एस. परमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस दौरान मिल्कवीड (Milkweed) तकनीक ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर सभी का ध्यान खींचा। मंत्रियों ने डॉ. परमार के साथ इसकी खेती का निरीक्षण किया और इसे “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. परमार ने बताया कि मिल्कवीड का हर हिस्सा उपयोगी है और इससे कई उत्पाद विकसित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर उनकी पुस्तक का विमोचन और “CiocellM” नामक वृतचित्र का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम में स्वदेशी मशीन “CiocellM फ्लॉस एवं सीड सेपरेटर” का अनावरण किया गया, जो मिल्कवीड के बीज और रेशे को अलग करने में सक्षम है।

राकेश सचान ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव बताया, जबकि गिरिराज सिंह ने कहा कि यह खेती किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन सकती है।

सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिकों और उद्योगपतियों ने भाग लेकर सुरक्षात्मक वस्त्रों के भविष्य पर चर्चा की।

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NITRA सम्मेलन में बड़ा खुलासा – किसानों के लिए नई क्रांति

गिरिराज सिंह और राकेश सचान ने किया उद्घाटन, किसानों के लिए नई उम्मीद बनी मिल्कवीड खेती

गाजियाबाद के निटरा (NITRA) में 9 अप्रैल 2026 को “सुरक्षात्मक वस्त्रों में नवाचार” विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

सम्मेलन में KVIC की CEO रूप राशी, संयुक्त सचिव मनीषा चटर्जी, चेयरमैन विदित जैन और महानिदेशक डॉ. एम.एस. परमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस दौरान मिल्कवीड (Milkweed) तकनीक ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर सभी का ध्यान खींचा। मंत्रियों ने डॉ. परमार के साथ इसकी खेती का निरीक्षण किया और इसे “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. परमार ने बताया कि मिल्कवीड का हर हिस्सा उपयोगी है और इससे कई उत्पाद विकसित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर उनकी पुस्तक का विमोचन और “CiocellM” नामक वृतचित्र का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम में स्वदेशी मशीन “CiocellM फ्लॉस एवं सीड सेपरेटर” का अनावरण किया गया, जो मिल्कवीड के बीज और रेशे को अलग करने में सक्षम है।

राकेश सचान ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव बताया, जबकि गिरिराज सिंह ने कहा कि यह खेती किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन सकती है।

सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिकों और उद्योगपतियों ने भाग लेकर सुरक्षात्मक वस्त्रों के भविष्य पर चर्चा की।

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