भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर डूंगरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनजाति समाज के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विद्यार्थी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने जनजाति क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए 62 करोड़ रुपए की लागत से 31 नए कार्यों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही 25 करोड़ रुपए के 31 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शर्मा ने जयपुर स्थित जनजाति भवन में IIT-JEE और NEET की तैयारी हेतु 60 छात्राओं के लिए आवासीय बैच शुरू करने की घोषणा की। यह योजना जनजाति समुदाय की मेधावी छात्राओं को उच्चस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने जनजाति विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए अत्यधिक सहायक घोषणा करते हुए 12 हजार विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री के लिए 4.08 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। इससे जनजाति छात्रों को पुस्तकें, स्टडी किट और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्राप्त हो सकेगी।
किसानों के लिए भी बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने 53,466 जनजाति कृषकों को 204 करोड़ रुपए की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की। यह राशि किसान कल्याण एवं आजीविका सुधार योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की गई है।
जनजातीय गौरव दिवस के इस समारोह ने जनजाति समाज की उन्नति, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूत किया है।



