गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में लगी भीषण आग ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई परिवारों का सामान जलकर खाक हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जिला मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार आग लग चुकी है, लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर मामला शांत कर दिया जाता है। लगातार दोहराई जा रही घटनाओं ने अब संदेह को जन्म दे दिया है।
कनावनी, कौशांबी और आसपास के झुग्गी क्लस्टर्स में घनी आबादी, सीमित निगरानी और कमजोर पहचान सत्यापन जैसी स्थितियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल के दिनों में संदिग्ध गतिविधियों के खुलासे के बाद “ओवर ग्राउंड वर्कर” यानी OGW नेटवर्क की आशंका भी चर्चा में है।
हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर एंगल से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीमों को लगाया गया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह महज हादसा है या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।



