नोएडा में प्रशासन ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा है कि यदि किसी भी एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा उपद्रव, हंगामा या अनुशासनहीनता की घटना सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उसका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
हाल के दिनों में औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती श्रमिक असंतोष और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जिम्मेदारी केवल श्रमिक उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और अनुशासन को सुनिश्चित करना भी है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी की गई है, जो अब ₹13,690 से बढ़ाकर ₹16,868 तक कर दी गई है। इससे हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
प्रशासन ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे श्रमिकों का पूरा डेटा, पहचान और रिकॉर्ड अपडेट रखें। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
नोएडा प्रशासन का यह सख्त कदम एक ओर जहां औद्योगिक क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के हितों की सुरक्षा का संदेश भी देता है।



