गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 17 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “कमीश्नरेट कोर्ट्स मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS)” का शुभारंभ किया गया। यह वेब-आधारित प्लेटफॉर्म न्यायिक मामलों, पुलिस की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता, और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल रूप देने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

उत्तरी प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण अभियान के अंतर्गत CCMS का उद्देश्य डेटा-चालित पुलिसिंग और जन-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत बनाना है। गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाएगा और आम नागरिकों को अपने मामलों की अद्यतन जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध कराएगा।
कमिश्नरेट के अनुसार, अब तक 5631 FIR की कॉपी घर-घर जाकर डिलीवर की गई है, जिससे नागरिकों को थानों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। इसी क्रम में 56231 फॉलो-अप फोन कॉल्स भी किए गए, जिनमें 39 शिकायतों का समाधान तुरंत कराया गया।
पुलिस द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनसुनवाई को बढ़ावा दिया गया है। नागरिकों की समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाई जाती हैं और शिकायतों के वीडियो प्रमाण के आधार पर त्वरित निस्तारण होता है।
पुलिस ने बताया कि हर शनिवार और रविवार को शिकायत समाधान दिवस आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा थानों में आम नागरिकों के लिए नई सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।
CCMS के मुख्य उद्देश्य:
- न्यायिक मामलों की डिजिटल ट्रैकिंग
- पारदर्शिता बढ़ाना
- रियल-टाइम अपडेट
- फॉलो-अप सिस्टम
- डेटा-संचालित निर्णय
- अवांछित देरी रोकना
- झूठी ज़मानत रोकने में मदद
नागरिक CCMS पोर्टल पर जाकर अपने मामले की अंतिम स्थिति, अगली तारीख और पूरा विवरण ऑनलाइन देख सकते हैं।
गाज़ियाबाद पुलिस ने अपील की है कि नागरिक इस नई प्रणाली का लाभ उठाएं और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।



