Wednesday, April 15, 2026

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गाज़ियाबाद में सवर्ण समाज की हुंकार: आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग तेज

गाज़ियाबाद में पंडित साधु तिवारी ने सवर्ण समाज के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई। जानिए पूरी खबर।

गाज़ियाबाद में भारतीय सवर्ण संघ द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सवर्ण समाज की एकजुटता और अधिकारों की मांग जोर-शोर से उठाई गई। इस अवसर पर संगठन के प्रमुख चेहरा पंडित साधु तिवारी का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर “सवर्ण एकता” का संदेश बुलंद किया।

कार्यक्रम के दौरान “सवर्ण की एक आवाज—सवर्ण बने” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। अपने संबोधन में पंडित साधु तिवारी ने कहा कि देश में आरक्षण व्यवस्था को अब जातिगत आधार से हटाकर आर्थिक आधार पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जातिगत आरक्षण प्रणाली समाज में असंतुलन पैदा कर रही है और इसका पुनर्मूल्यांकन जरूरी हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग आरक्षण का लाभ उठाकर उच्च पदों तक पहुंच चुके हैं, लेकिन वे अपने ही समाज के अन्य वर्गों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं, जो सामाजिक समरसता के लिए चिंता का विषय है।

साधु तिवारी ने सवर्ण समाज की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह वर्ग धीरे-धीरे आर्थिक रूप से पिछड़ता जा रहा है, लेकिन उसकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन की मांग करते हुए कहा कि इससे इस वर्ग को भी समान अवसर मिल सकेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सवर्ण समाज के अधिकारों की रक्षा और उत्थान के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। अंत में पंडित साधु तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए समाज को जागरूक और संगठित रहने का संदेश दिया।

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गाज़ियाबाद में सवर्ण समाज की हुंकार: आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग तेज

गाज़ियाबाद में पंडित साधु तिवारी ने सवर्ण समाज के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई। जानिए पूरी खबर।

गाज़ियाबाद में भारतीय सवर्ण संघ द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सवर्ण समाज की एकजुटता और अधिकारों की मांग जोर-शोर से उठाई गई। इस अवसर पर संगठन के प्रमुख चेहरा पंडित साधु तिवारी का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर “सवर्ण एकता” का संदेश बुलंद किया।

कार्यक्रम के दौरान “सवर्ण की एक आवाज—सवर्ण बने” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। अपने संबोधन में पंडित साधु तिवारी ने कहा कि देश में आरक्षण व्यवस्था को अब जातिगत आधार से हटाकर आर्थिक आधार पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जातिगत आरक्षण प्रणाली समाज में असंतुलन पैदा कर रही है और इसका पुनर्मूल्यांकन जरूरी हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग आरक्षण का लाभ उठाकर उच्च पदों तक पहुंच चुके हैं, लेकिन वे अपने ही समाज के अन्य वर्गों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं, जो सामाजिक समरसता के लिए चिंता का विषय है।

साधु तिवारी ने सवर्ण समाज की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह वर्ग धीरे-धीरे आर्थिक रूप से पिछड़ता जा रहा है, लेकिन उसकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन की मांग करते हुए कहा कि इससे इस वर्ग को भी समान अवसर मिल सकेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सवर्ण समाज के अधिकारों की रक्षा और उत्थान के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। अंत में पंडित साधु तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए समाज को जागरूक और संगठित रहने का संदेश दिया।

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