Wednesday, April 22, 2026

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गाजियाबाद DPS में अभिभावकों का विरोध: स्कूल समय बढ़ाने पर बवाल | DPSG News

दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद में स्कूल टाइम बढ़ाने पर 500 से अधिक अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। जानिए पूरा मामला।

Delhi Public School Ghaziabad में स्कूल समय बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा बिना अभिभावकों की सहमति के लगभग 2 घंटे का अतिरिक्त समय जोड़ दिया गया, जिसके विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में पेरेंट्स स्कूल गेट पर एकत्र हो गए।

प्रदर्शन में करीब 500 से अधिक अभिभावकों ने हिस्सा लिया और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पेरेंट्स का कहना है कि बच्चों पर पहले से ही पढ़ाई और गतिविधियों का दबाव है, ऐसे में अतिरिक्त समय जोड़ना उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि निजी स्कूल अक्सर मनमाने फैसले लेते हैं और जब उनके खिलाफ शिकायत की जाती है तो संबंधित अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकाला जाए।

कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से संवाद की मांग करते हुए कहा कि ऐसे फैसले लेने से पहले पेरेंट्स की सहमति जरूरी होनी चाहिए। वहीं, स्कूल की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को छात्रों के हित और अभिभावकों की राय को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेने चाहिए। फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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गाजियाबाद DPS में अभिभावकों का विरोध: स्कूल समय बढ़ाने पर बवाल | DPSG News

दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद में स्कूल टाइम बढ़ाने पर 500 से अधिक अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। जानिए पूरा मामला।

Delhi Public School Ghaziabad में स्कूल समय बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा बिना अभिभावकों की सहमति के लगभग 2 घंटे का अतिरिक्त समय जोड़ दिया गया, जिसके विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में पेरेंट्स स्कूल गेट पर एकत्र हो गए।

प्रदर्शन में करीब 500 से अधिक अभिभावकों ने हिस्सा लिया और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पेरेंट्स का कहना है कि बच्चों पर पहले से ही पढ़ाई और गतिविधियों का दबाव है, ऐसे में अतिरिक्त समय जोड़ना उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि निजी स्कूल अक्सर मनमाने फैसले लेते हैं और जब उनके खिलाफ शिकायत की जाती है तो संबंधित अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकाला जाए।

कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से संवाद की मांग करते हुए कहा कि ऐसे फैसले लेने से पहले पेरेंट्स की सहमति जरूरी होनी चाहिए। वहीं, स्कूल की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को छात्रों के हित और अभिभावकों की राय को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेने चाहिए। फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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