पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर डेयरी फार्म क्षेत्र में अवैध कब्जों को लेकर मामला अब निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पहले ही इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाने के लिए 12 हफ्तों की समय-सीमा तय की गई थी, जिसमें अब केवल करीब 2 सप्ताह का समय शेष बचा है। ऐसे में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
यह क्षेत्र DUSIB (दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड) की जमीन पर स्थित है, जहां लंबे समय से झुग्गी-झोपड़ियों के रूप में अवैध कब्जे किए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर समाजसेवी मनोज भाटी ने मीडिया के सामने आकर हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मनोज भाटी का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कानून का उल्लंघन है और इससे क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर बाहरी और अवैध रूप से बसे लोगों के कारण स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
वहीं, स्थानीय लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य लोग अतिक्रमण हटाने के पक्ष में हैं।
इसी बीच, गाजीपुर डेयरी क्षेत्र से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जहां दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आरोपी शबीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आनंद विहार बॉर्डर के पास की गई, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कितनी प्रभावशीलता से किया जाता है।



