उत्तर प्रदेश के खिदौड़ा गांव में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गो आश्रय स्थल से गाय लेने वाले लाभार्थियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने योजना के लाभार्थी हरवीर सिंह से बातचीत कर योजना की जानकारी ली और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
बातचीत के दौरान हरवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने लगभग दो से तीन वर्ष पहले गो आश्रय स्थल से गाय ली थी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें प्रतिदिन ₹50 की दर से लगभग ₹1500 प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिलती है। परिवार की एक महिला सदस्य ने भी बताया कि 30 दिन वाले महीने में लगभग ₹1450 और 31 दिन वाले महीने में ₹1500 की राशि प्राप्त होती है।
अधिकारी ने गाय के दूध उत्पादन के बारे में पूछा, जिस पर हरवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में गाय प्रतिदिन लगभग 5 से 6 लीटर दूध दे रही है, जबकि बछड़ा देने के बाद एक समय यह 10 से 11 लीटर दूध भी देती थी। अधिकारी ने इसे योजना की सफलता का उदाहरण बताते हुए ग्रामीणों से अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान पशुओं के एफएमडी (मुंह-खुर रोग) एवं गलाघोंटू टीकाकरण तथा कानों में टैग लगाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। लाभार्थी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से टीकाकरण टीम गांव में नहीं आई है। इस पर अधिकारी ने संबंधित विभाग से संपर्क कर जल्द टीकाकरण कराने और सभी पशुओं की टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री सहभागिता योजना का लाभ उठाकर निराश्रित गोवंश को अपनाएं, पशुपालन से आय बढ़ाएं और सरकारी सहायता का लाभ प्राप्त करें।



