नई दिल्ली। संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण करने को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद के धर्माचार्य प्रमुख, गौ रक्षा मठ मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ से जुड़े तथा दक्षिण भारतीय तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम, अशोका रोड, नई दिल्ली के मुख्य अर्चक पुजारी डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर सनातन परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों के अपमान का आरोप लगाया है।
डॉ. शास्त्री का कहना है कि भगवा वस्त्र केवल एक परिधान नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, वैराग्य और सनातन संस्कृति का पवित्र प्रतीक है। उनके अनुसार संसद परिसर में इस प्रकार भगवा वस्त्र धारण करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला तथा राजनीतिक उद्देश्य से किया गया कदम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक मंचों पर उपयोग नहीं होना चाहिए।
उन्होंने इस मुद्दे पर जंतर-मंतर पर साधु-संतों और सनातन समाज के साथ विरोध प्रदर्शन एवं धरने की घोषणा भी की है। उनका कहना है कि यदि धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार उपयोग किया जाता रहा तो इससे समाज में भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री, जिन्हें भारत का प्रथम गो वैज्ञानिक ज्योतिष आचार्य बताया जाता है तथा जो दो बार राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, ने कहा कि उनके अनुसार यह घटना आकस्मिक नहीं बल्कि सुनियोजित प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सनातन परंपराओं का अपमान कर राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
उन्होंने संबंधित मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सनातन धर्म और उसके पवित्र प्रतीकों का सम्मान बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
नोट: यह समाचार डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।



