Tuesday, August 4, 2026

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मां काली मंदिर तोड़ते समय गिरा गुंबद! मजदूर की मौत से मचा हड़कंप

: चंदौली के पीडीडीयू नगर में प्राचीन काली माता मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान गुंबद की चपेट में आने से मजदूर की मौत। अखिलेश यादव ने एक करोड़ रुपये सहायता की मांग की।

चंदौली। पीडीडीयू नगर के जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आए पुराने मंदिर को पोकलेन मशीन से ध्वस्त किए जाने के दौरान गुंबद का हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 57 वर्षीय मजदूर बलदेव यादव उर्फ झिंगुरी यादव की मौत हो गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, बलदेव यादव सड़क निर्माण से जुड़ी कार्यदायी संस्था में काम कर रहे थे। हादसे के बाद उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ध्वस्तीकरण के दौरान किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया था।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर दुख जताते हुए सुरक्षा प्रबंधों के बिना जोखिम भरा काम कराने की आलोचना की और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है।

वहीं मृतक की पत्नी ने 50 लाख रुपये मुआवजा और बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित किए जाने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर है।

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मां काली मंदिर तोड़ते समय गिरा गुंबद! मजदूर की मौत से मचा हड़कंप

: चंदौली के पीडीडीयू नगर में प्राचीन काली माता मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान गुंबद की चपेट में आने से मजदूर की मौत। अखिलेश यादव ने एक करोड़ रुपये सहायता की मांग की।

चंदौली। पीडीडीयू नगर के जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आए पुराने मंदिर को पोकलेन मशीन से ध्वस्त किए जाने के दौरान गुंबद का हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 57 वर्षीय मजदूर बलदेव यादव उर्फ झिंगुरी यादव की मौत हो गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, बलदेव यादव सड़क निर्माण से जुड़ी कार्यदायी संस्था में काम कर रहे थे। हादसे के बाद उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ध्वस्तीकरण के दौरान किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया था।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर दुख जताते हुए सुरक्षा प्रबंधों के बिना जोखिम भरा काम कराने की आलोचना की और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है।

वहीं मृतक की पत्नी ने 50 लाख रुपये मुआवजा और बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित किए जाने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर है।

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