Wednesday, April 22, 2026

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योग्यता आधारित भर्ती से बदली तस्वीर: 9 वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, योगी सरकार का बड़ा दावा

बिना भेदभाव हर वर्ग को योजनाओं और नौकरियों का लाभ, पारदर्शी व्यवस्था पर जोर

उत्तर प्रदेश में रोजगार और सरकारी योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में नियुक्ति की प्रक्रिया हो या योजनाओं का लाभ, सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में राज्य सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जो प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता आधारित और पारदर्शी बनाई गई है, जिससे किसी भी प्रकार के पक्षपात या भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है।

सरकार का दावा है कि पहले जहां भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और भेदभाव के आरोप लगते थे, वहीं अब डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया गया है। इसका लाभ युवाओं को सीधे तौर पर मिल रहा है और उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

इसके साथ ही, राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रही, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में रोजगार और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है।
सरकार का फोकस स्पष्ट है—सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास।

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योग्यता आधारित भर्ती से बदली तस्वीर: 9 वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, योगी सरकार का बड़ा दावा

बिना भेदभाव हर वर्ग को योजनाओं और नौकरियों का लाभ, पारदर्शी व्यवस्था पर जोर

उत्तर प्रदेश में रोजगार और सरकारी योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में नियुक्ति की प्रक्रिया हो या योजनाओं का लाभ, सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में राज्य सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जो प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता आधारित और पारदर्शी बनाई गई है, जिससे किसी भी प्रकार के पक्षपात या भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है।

सरकार का दावा है कि पहले जहां भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और भेदभाव के आरोप लगते थे, वहीं अब डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया गया है। इसका लाभ युवाओं को सीधे तौर पर मिल रहा है और उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

इसके साथ ही, राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रही, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में रोजगार और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है।
सरकार का फोकस स्पष्ट है—सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास।

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