नई दिल्ली। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने केंद्र सरकार पर MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार MSME सेक्टर को सशक्त बनाने में पूरी तरह विफल रही है, जिसका असर देश में रोजगार के अवसरों पर पड़ा है।
नीरज डांगी ने सदन में कहा कि एक ओर देश के लाखों युवा रोजगार की तलाश में हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतने गंभीर मुद्दों पर गृह मंत्री को सदन में आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री संसद में उपस्थित होकर इन सवालों का जवाब देने के बजाय सोशल मीडिया पर सक्रिय दिखाई देते हैं। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रात में रील बनाने में व्यस्त रहते हैं लेकिन सदन में चर्चा के दौरान उपस्थित नहीं होते।
नीरज डांगी ने सरकार से मांग की कि MSME क्षेत्र को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया गया, यह स्पष्ट नहीं हो सका। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोजगार और MSME का मुद्दा आने वाले समय में संसद और राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
यह बयान राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान दिया गया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।
(यह समाचार राज्यसभा में दिए गए सार्वजनिक राजनीतिक बयान पर आधारित है। आरोप और टिप्पणियां संबंधित वक्ता के हैं।)



