Wednesday, April 22, 2026

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रामनवमी 2026 🚩 योगी आदित्यनाथ का कन्या पूजन | रामलला सूर्य तिलक अयोध्या

रामनवमी पर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया। अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक का भव्य आयोजन।

गोरखपुर/अयोध्या। श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान, संस्कार और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान और शक्ति के प्रतीक के रूप में किया जाता है। यह परंपरा समाज को समरसता, सम्मान और आध्यात्मिक मूल्यों की ओर प्रेरित करती है।

वहीं, अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर स्वर्णिम ‘सूर्य तिलक’ का भव्य आयोजन हुआ। यह अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिलक सूर्यवंश की परंपरा और भगवान श्री राम के तेजस्वी स्वरूप का प्रतीक है।

धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सूर्य तिलक’ केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की चेतना का प्रतीक है, जो समाज में आत्मगौरव और एकता को सुदृढ़ करता है। इस आयोजन ने देशभर में श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

रामनवमी के इस शुभ अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

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रामनवमी 2026 🚩 योगी आदित्यनाथ का कन्या पूजन | रामलला सूर्य तिलक अयोध्या

रामनवमी पर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया। अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक का भव्य आयोजन।

गोरखपुर/अयोध्या। श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान, संस्कार और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान और शक्ति के प्रतीक के रूप में किया जाता है। यह परंपरा समाज को समरसता, सम्मान और आध्यात्मिक मूल्यों की ओर प्रेरित करती है।

वहीं, अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर स्वर्णिम ‘सूर्य तिलक’ का भव्य आयोजन हुआ। यह अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिलक सूर्यवंश की परंपरा और भगवान श्री राम के तेजस्वी स्वरूप का प्रतीक है।

धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सूर्य तिलक’ केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की चेतना का प्रतीक है, जो समाज में आत्मगौरव और एकता को सुदृढ़ करता है। इस आयोजन ने देशभर में श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

रामनवमी के इस शुभ अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

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