नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को संसद परिसर में उस समय अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में पहुंचे और राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा गबन के आरोपों को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कई विपक्षी सांसद भी शामिल हुए और सरकार से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने एक सांकेतिक नाटक प्रस्तुत किया। इसमें दानपेटी और चढ़ावे को प्रतीक बनाकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न नारे लगाए और सरकार से पारदर्शिता की मांग की। कुछ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी नारे लगाए, जिनमें उन्हें सदन में आकर जवाब देने की मांग की गई। यह विपक्ष का राजनीतिक आरोप और प्रदर्शन का हिस्सा था।
इस पूरे घटनाक्रम ने संसद परिसर में राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। विपक्ष का कहना है कि जिन मुद्दों को वह उठा रहा है, उन पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। वहीं सत्तापक्ष की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग रुख सामने आया है।
लोकसभा अध्यक्ष ने संसद परिसर की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी टिप्पणी की और सांसदों से संसदीय मर्यादा का पालन करने की अपील की।
उधर, इस प्रदर्शन के बाद सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली में शिकायत दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।



