नई दिल्ली / नोएडा:
UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच अब संत समाज भी खुलकर सामने आ गया है। प्रसिद्ध संत महाराज आनंद गिरी ने भाजपा और आरएसएस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का चरित्र दोहरा दिखाई दे रहा है और UGC आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन संतों पर कार्रवाई कर रहा है।
महाराज आनंद गिरी ने एक बयान में कहा कि जब देश में संत समाज किसी सामाजिक या शैक्षिक मुद्दे को लेकर आवाज उठाता है, तो प्रशासन द्वारा उन्हें रोकने या नजरबंद करने जैसी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है और इससे संत समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि UGC आंदोलन से जुड़े कई संत और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशासनिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है, तो उसे आंदोलनकारियों की बात सुननी चाहिए और शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
महाराज आनंद गिरी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार एक तरफ संतों और हिंदू संस्कृति की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ जब संत किसी मुद्दे पर सवाल उठाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने इसे “राजनीतिक दोहरापन” करार दिया।
इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई संगठनों ने संतों पर की जा रही कार्रवाई की निंदा की है और सरकार से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन UGC आंदोलन को लेकर देशभर में बहस और तेज होती दिखाई दे रही है।



