गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश। नंदग्राम थाना क्षेत्र में वतन राणा की संदिग्ध मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।शनिवार को बड़ी संख्या में लोग नंदग्राम थाने के बाहर एकत्र हुए और वतन राणा को न्याय दिलाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि वतन की मौत साधारण घटना नहीं है, बल्कि इसमें कई गंभीर सवाल छिपे हुए हैं जिनका जवाब पुलिस और प्रशासन अब तक नहीं दे पाया है।
परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि वतन की मौत को आत्महत्या बताने की जल्दबाजी दिखाई जा रही है, जबकि परिस्थितियाँ स्पष्ट रूप से संदिग्ध हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद किए गए प्रारंभिक जांच कार्य बेहद लापरवाहीपूर्ण रहे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया, जिससे पूरे मामले पर और अधिक संदेह गहराता जा रहा है।

भीड़ में शामिल युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने एक ही आवाज उठाई—“हमें न्याय चाहिए… निष्पक्ष जांच चाहिए!”
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पुलिस सभी पहलुओं को गहराई से जांचकर सच्चाई सामने नहीं लाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लोगों ने मांग की कि मामले में शामिल सभी संदिग्धों को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को दोबारा उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड से जांच कराया जाए।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस शुरुआती घंटे में क्यों सक्रिय नहीं हुई? घटना स्थल से क्या-क्या सबूत लिए गए? क्या कॉल रिकॉर्डिंग, चैट और घटनास्थल की फोरेंसिक जांच निष्पक्ष तरीके से की गई?
नंदग्राम थाने पर हुए इस उग्र प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की और लोगों को भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
वतन राणा की मौत को लेकर बढ़ता जनाक्रोश इस बात का संकेत है कि जनता अब अर्ध-सत्य या अधूरी जांच को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। सभी की मांग है—“वतन राणा को न्याय मिले और सच्चाई सामने आए।”



