उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के नेतृत्व में हजारों छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने सचिवालय का घेराव कर केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, CBSE के OSM Evaluation System तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में निकाले गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और छात्रों के भविष्य से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई।
NSUI नेताओं ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। संगठन ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक चर्चा होने की संभावना है।



