Friday, June 12, 2026

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गाजियाबाद में पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना

गाजियाबाद में पत्रकारों ने कथित फर्जी मुकदमे और पुलिसिया उत्पीड़न के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की।

गाजियाबाद में पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

गाजियाबाद में पत्रकारों ने कथित पुलिसिया उत्पीड़न, फर्जी मुकदमों और अपराधियों को संरक्षण दिए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय के सामने शुरू हुए इस धरने का नेतृत्व वरिष्ठ महिला पत्रकार अपूर्वा चौधरी कर रही हैं।

धरने के दौरान अपूर्वा चौधरी ने आरोप लगाया कि उनकी महिला पत्रकार साथी के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों से मिलने और शिकायत करने के बावजूद न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

पत्रकारों का आरोप है कि न्याय की मांग करने पर पुलिस ने उल्टा उनके खिलाफ ही फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने तथा पत्रकारों की छवि धूमिल करने का भी आरोप लगाया।

धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में कथित फर्जी मुकदमे को निरस्त करना, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी शामिल है।

अपूर्वा चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि जिला स्तर पर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा और लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।

धरने में कई पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और समाजसेवी मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।

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गाजियाबाद में पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना

गाजियाबाद में पत्रकारों ने कथित फर्जी मुकदमे और पुलिसिया उत्पीड़न के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की।

गाजियाबाद में पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

गाजियाबाद में पत्रकारों ने कथित पुलिसिया उत्पीड़न, फर्जी मुकदमों और अपराधियों को संरक्षण दिए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय के सामने शुरू हुए इस धरने का नेतृत्व वरिष्ठ महिला पत्रकार अपूर्वा चौधरी कर रही हैं।

धरने के दौरान अपूर्वा चौधरी ने आरोप लगाया कि उनकी महिला पत्रकार साथी के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों से मिलने और शिकायत करने के बावजूद न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

पत्रकारों का आरोप है कि न्याय की मांग करने पर पुलिस ने उल्टा उनके खिलाफ ही फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने तथा पत्रकारों की छवि धूमिल करने का भी आरोप लगाया।

धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में कथित फर्जी मुकदमे को निरस्त करना, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी शामिल है।

अपूर्वा चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि जिला स्तर पर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा और लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।

धरने में कई पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और समाजसेवी मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।

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