हरिद्वार में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब एक व्यापारी की दुकान के सामने लगे कुंडे को हटाने को लेकर निगम कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और विवाद नगर कोतवाली तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम शहर में नियमित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक दुकान के सामने लगे कुंडे को हटाने को लेकर व्यापारी और निगम कर्मचारी आमने-सामने आ गए। व्यापारियों का आरोप है कि निगम कर्मचारियों ने बिना पूर्व सूचना और उचित संवाद के कार्रवाई की, जबकि निगम अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी तरह नियमों के अनुसार चलाया जा रहा था।
विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के समर्थक नगर कोतवाली पहुंच गए, जहां काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। नगर निगम के यूएनए दीपक गोस्वामी ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके साथ हाथापाई की गई और चालान बुक छीनने का प्रयास किया गया। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम की टीम का व्यवहार अनुचित था और उनकी बात सुने बिना कार्रवाई की गई। घटना के विरोध में व्यापारियों ने शहर के कई प्रमुख बाजार बंद रखने का निर्णय लिया।
बाजार बंद होने से हर की पैड़ी क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



