Saturday, June 20, 2026

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अलीगढ़ लोधा गांव में एनएच निर्माण का विरोध: ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, मुआवजे की मांग तेज

अलीगढ़ के लोधा गांव में एनएच निर्माण को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, मकान-दुकान प्रभावित होने पर उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील।

अलीगढ़। लोधा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने हाईवे निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच निर्माण के चलते उनके मकानों और दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि एक पट्टी की आबादी क्षेत्र में लगभग 70 मीटर तक भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जबकि दूसरी पट्टी में करीब 90 मीटर तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव है। इसे लेकर ग्रामीणों ने भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि यदि उनकी संपत्तियां हटाई जाती हैं तो सरकार को नियमानुसार उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और उचित मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।

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अलीगढ़ लोधा गांव में एनएच निर्माण का विरोध: ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, मुआवजे की मांग तेज

अलीगढ़ के लोधा गांव में एनएच निर्माण को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, मकान-दुकान प्रभावित होने पर उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील।

अलीगढ़। लोधा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने हाईवे निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच निर्माण के चलते उनके मकानों और दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि एक पट्टी की आबादी क्षेत्र में लगभग 70 मीटर तक भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जबकि दूसरी पट्टी में करीब 90 मीटर तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव है। इसे लेकर ग्रामीणों ने भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि यदि उनकी संपत्तियां हटाई जाती हैं तो सरकार को नियमानुसार उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और उचित मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।

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