Saturday, June 20, 2026

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भगवंत मान पर भाजपा का बड़ा हमला! इस्तीफे की मांग तेज

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान पर बड़ा हमला बोलते हुए अकाल तख्त के फैसले का हवाला देकर इस्तीफे की मांग की। विवादित वीडियो और फोरेंसिक रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज।

नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उन्हें “गुरु द्रोही” और “सिख विरोधी” घोषित किए जाने के बाद उनके पास मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक, सामाजिक या राजनीतिक अधिकार नहीं बचता।

तरुण चुघ ने कहा कि सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था द्वारा यदि किसी व्यक्ति को सिख भावनाओं को आहत करने का जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो उसे पंजाब जैसे राज्य का नेतृत्व नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान ने कई महीनों तक पंजाब और दुनिया भर के सिख समुदाय को गुमराह किया।

भाजपा नेता के अनुसार, जिस विवादित वीडियो को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार बताया था, अब दो स्वतंत्र फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की जांच में वह वीडियो पूरी तरह वास्तविक पाया गया है। चुघ ने सवाल उठाया कि यदि वीडियो असली था तो मुख्यमंत्री ने इसे फर्जी बताकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश क्यों की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जनता और सिख समुदाय के सामने जवाब देना चाहिए कि उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठाए और मामले को लेकर कथित तौर पर गलत जानकारी क्यों दी।

हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान या पंजाब सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में बहस और तेज हो सकती है।

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भगवंत मान पर भाजपा का बड़ा हमला! इस्तीफे की मांग तेज

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान पर बड़ा हमला बोलते हुए अकाल तख्त के फैसले का हवाला देकर इस्तीफे की मांग की। विवादित वीडियो और फोरेंसिक रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज।

नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उन्हें “गुरु द्रोही” और “सिख विरोधी” घोषित किए जाने के बाद उनके पास मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक, सामाजिक या राजनीतिक अधिकार नहीं बचता।

तरुण चुघ ने कहा कि सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था द्वारा यदि किसी व्यक्ति को सिख भावनाओं को आहत करने का जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो उसे पंजाब जैसे राज्य का नेतृत्व नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान ने कई महीनों तक पंजाब और दुनिया भर के सिख समुदाय को गुमराह किया।

भाजपा नेता के अनुसार, जिस विवादित वीडियो को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार बताया था, अब दो स्वतंत्र फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की जांच में वह वीडियो पूरी तरह वास्तविक पाया गया है। चुघ ने सवाल उठाया कि यदि वीडियो असली था तो मुख्यमंत्री ने इसे फर्जी बताकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश क्यों की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जनता और सिख समुदाय के सामने जवाब देना चाहिए कि उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठाए और मामले को लेकर कथित तौर पर गलत जानकारी क्यों दी।

हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान या पंजाब सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में बहस और तेज हो सकती है।

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