आज का दिन भारतीय कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जब लखनऊ में उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और देश के अन्नदाता किसान भाइयों-बहनों ने भाग लिया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केवल कृषि समस्याओं पर चर्चा करना नहीं था, बल्कि उनके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना भी रहा। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक तकनीक, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण तथा किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया।
इस दौरान “टीम इंडिया” की भावना को मजबूत करते हुए उत्तर भारत में कृषि की दिशा और दशा बदलने के लिए एक व्यापक और प्रभावी रोडमैप तैयार करने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कृषि को आत्मनिर्भर, टिकाऊ और आधुनिक बनाया जाए ताकि किसान सशक्त बन सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी सहभागी राज्यों के माननीय मंत्रियों, केंद्रीय सहयोगियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और किसानों का आभार व्यक्त किया गया। उनके सहयोग और प्रतिबद्धता ने देश में कृषि क्षेत्र को विकसित करने के लक्ष्य को और मजबूत किया है।
यह सम्मेलन आने वाले समय में भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



