महिला सम्मान को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। हाल ही में महिलाओं के समर्थन में निकाली गई एक रैली के बाद, उसी मुद्दे को उठाने वाली एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
विपक्ष का कहना है कि एक तरफ भाजपा महिला सम्मान के नाम पर रैली निकालती है, वहीं दूसरी तरफ जब कोई महिला अपनी आवाज उठाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसे लेकर विपक्ष ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए हैं और इसे “दोमुंही राजनीति” बताया है।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे महिला अधिकारों का मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी कार्रवाई को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला सुरक्षा और सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा सकती हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी बहस का भी अहम हिस्सा बन सकता है।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से जांच जारी है और सभी पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।



