नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने हाथों में किसान झंडे लेकर “अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर वापस जाओ” और “भारत में अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला प्रस्तावित व्यापार समझौता देश के कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उनका कहना है कि फरवरी में जिस फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए गए थे, उसके तहत अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क कम या समाप्त किया जा सकता है।
किसान नेताओं के अनुसार यदि अमेरिका से कम कीमत वाले कृषि और खाद्य उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो देश के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका भारत से अगले पांच वर्षों में लगभग 500 बिलियन डॉलर के कृषि, ऊर्जा और औद्योगिक उत्पादों के व्यापार की उम्मीद कर रहा है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर नहीं रखती है तो 15 अगस्त से दातासिंहवाला-खनौरी मोर्चे से एक पैदल यात्रा शुरू की जाएगी। यह यात्रा 25 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल किसान रैली के साथ समाप्त होगी।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 20 जुलाई को मध्यप्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की राष्ट्रीय बैठक आयोजित की जाएगी। प्रदर्शन में विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।



