उन्नाव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “शंकराचार्य जी का सम्मान बचाने की जरूरत है। बीजेपी का चरित्र यही है कि जो उनके खिलाफ बोलेगा, उसकी आवाज बंद करने के लिए अधिकारियों के माध्यम से न जाने क्या-क्या कराएंगे।”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर विरोधी विचारों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए, न कि उसे दबाया जाए।
सपा प्रमुख ने अपने भाषण में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राजनीतिक माहौल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और जनता सब देख रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए तैयार है।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आगामी चुनावी माहौल को और गर्म कर सकते हैं।



