गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों—हिंडन चौकी, मोहननगर बस स्टैंड, ट्रांस हिंडन और मोहननगर मेट्रो स्टेशन के पास लगाए गए प्याऊ इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। कागज़ों में ये प्याऊ जनता की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन प्याऊ में रखे मटके पूरी तरह खाली पड़े हैं। न तो पानी भरने की कोई व्यवस्था है और न ही नियमित निगरानी की जा रही है। गर्मी के इस मौसम में जब राहगीर और गरीब लोग पानी की उम्मीद लेकर इन जगहों पर पहुंचते हैं, तो उन्हें सिर्फ खाली मटका और निराशा ही हाथ लगती है।
लोगों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि गरीबों की जरूरतों के साथ खिलवाड़ है। कई नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार और नगर निगम की तरफ से ये सुविधाएं दी जा रही हैं, तो उनका सही तरीके से संचालन क्यों नहीं हो रहा?
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कई दिनों से ये प्याऊ ऐसे ही खाली पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब लोग मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इन प्याऊ में पानी की व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।



