Saturday, April 18, 2026

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नगर निगम का “घोटाला मॉडल” बेनकाब: अर्थला में बिना मसाले बिछ रही नालियां, निर्माण कार्य पर उठे सवाल

मोहन नगर क्षेत्र में मानकों की अनदेखी, जनता के टैक्स के दुरुपयोग के आरोप

अर्थला (मोहन नगर) क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की खुली अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर सामने आए दृश्य चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नालियों की ईंटें बिना स्लिप तोड़े बिछाई जा रही हैं और उनके नीचे मसाला (सीमेंट मिश्रण) तक नहीं लगाया जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मजबूत आधार और मसाले के बिछाई गई ईंटें जल्द ही धंस सकती हैं, जिससे पूरी नाली संरचना कमजोर हो सकती है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से निर्माण गुणवत्ता से समझौता करने का मामला हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो आने वाले समय में यह निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हो जाएगा और दोबारा मरम्मत के नाम पर फिर से खर्च का बोझ जनता पर पड़ेगा।

इस मामले ने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

फिलहाल नगर निगम की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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नगर निगम का “घोटाला मॉडल” बेनकाब: अर्थला में बिना मसाले बिछ रही नालियां, निर्माण कार्य पर उठे सवाल

मोहन नगर क्षेत्र में मानकों की अनदेखी, जनता के टैक्स के दुरुपयोग के आरोप

अर्थला (मोहन नगर) क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की खुली अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर सामने आए दृश्य चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नालियों की ईंटें बिना स्लिप तोड़े बिछाई जा रही हैं और उनके नीचे मसाला (सीमेंट मिश्रण) तक नहीं लगाया जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मजबूत आधार और मसाले के बिछाई गई ईंटें जल्द ही धंस सकती हैं, जिससे पूरी नाली संरचना कमजोर हो सकती है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से निर्माण गुणवत्ता से समझौता करने का मामला हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो आने वाले समय में यह निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हो जाएगा और दोबारा मरम्मत के नाम पर फिर से खर्च का बोझ जनता पर पड़ेगा।

इस मामले ने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

फिलहाल नगर निगम की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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