Monday, August 3, 2026

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मोहित गुर्जर की प्रेरणादायक कहानी | दिव्यांग बॉडीबिल्डर | कांवड़ यात्रा 2026

हरियाणा के मोहित गुर्जर ने बोन कैंसर और एक पैर खोने के बावजूद लगभग 200 गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। गाजियाबाद की कांवड़ यात्रा में शामिल होकर युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश।

गाजियाबाद। हरियाणा के सोनीपत निवासी दिव्यांग बॉडीबिल्डर मोहित गुर्जर ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, ईश्वर में अटूट आस्था और संघर्षपूर्ण जीवन से देशभर के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 24 जुलाई 2026 को गाजियाबाद के हिंडन विहार स्थित बालाजी मंदिर से संत मच्छेंद्रपुरी महाराज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में शुरू हुई कांवड़ यात्रा में मोहित गुर्जर ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लेकर यह साबित कर दिया कि मजबूत संकल्प के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

मोहित गुर्जर के जीवन का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। वर्ष 2010 में उन्हें बोन कैंसर का पता चला। उपचार के बाद उन्होंने सामान्य जीवन की ओर वापसी की, लेकिन 2015 में कैंसर दोबारा लौट आया। डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनका एक पैर काटना पड़ा। इतनी बड़ी चुनौती के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बॉडीबिल्डिंग को अपना लक्ष्य बनाया।

कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर मोहित ने मिस्टर इंडिया 10 बार, मिस्टर नॉर्थ इंडिया 11 बार, मिस्टर हरियाणा 7 बार, मिस्टर यूपी 3 बार और मिस्टर सोनीपत 2 बार का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा मंजुला क्लासिक, बॉस क्लासिक और शेरू क्लासिक जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीते। अब तक वे लगभग 200 गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं।

मोहित गुर्जर की प्रेरणादायक यात्रा यह संदेश देती है कि जीवन में कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी बड़ी हों, यदि आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और ईश्वर में विश्वास हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उनके साथ इस यात्रा में भोला मोहित गुर्जर, केडी हिंदू, तरुण तंवर, विशाल, मुकुल, जितेंद्र, कपिल, अंशु, गौरव, सौरव, सुमित, कन्हैया, सोनू और जोगिंदर सहित कई सहयोगी जुड़े रहे।

International

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मोहित गुर्जर की प्रेरणादायक कहानी | दिव्यांग बॉडीबिल्डर | कांवड़ यात्रा 2026

हरियाणा के मोहित गुर्जर ने बोन कैंसर और एक पैर खोने के बावजूद लगभग 200 गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। गाजियाबाद की कांवड़ यात्रा में शामिल होकर युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश।

गाजियाबाद। हरियाणा के सोनीपत निवासी दिव्यांग बॉडीबिल्डर मोहित गुर्जर ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, ईश्वर में अटूट आस्था और संघर्षपूर्ण जीवन से देशभर के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 24 जुलाई 2026 को गाजियाबाद के हिंडन विहार स्थित बालाजी मंदिर से संत मच्छेंद्रपुरी महाराज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में शुरू हुई कांवड़ यात्रा में मोहित गुर्जर ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लेकर यह साबित कर दिया कि मजबूत संकल्प के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

मोहित गुर्जर के जीवन का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। वर्ष 2010 में उन्हें बोन कैंसर का पता चला। उपचार के बाद उन्होंने सामान्य जीवन की ओर वापसी की, लेकिन 2015 में कैंसर दोबारा लौट आया। डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनका एक पैर काटना पड़ा। इतनी बड़ी चुनौती के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बॉडीबिल्डिंग को अपना लक्ष्य बनाया।

कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर मोहित ने मिस्टर इंडिया 10 बार, मिस्टर नॉर्थ इंडिया 11 बार, मिस्टर हरियाणा 7 बार, मिस्टर यूपी 3 बार और मिस्टर सोनीपत 2 बार का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा मंजुला क्लासिक, बॉस क्लासिक और शेरू क्लासिक जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीते। अब तक वे लगभग 200 गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं।

मोहित गुर्जर की प्रेरणादायक यात्रा यह संदेश देती है कि जीवन में कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी बड़ी हों, यदि आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और ईश्वर में विश्वास हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उनके साथ इस यात्रा में भोला मोहित गुर्जर, केडी हिंदू, तरुण तंवर, विशाल, मुकुल, जितेंद्र, कपिल, अंशु, गौरव, सौरव, सुमित, कन्हैया, सोनू और जोगिंदर सहित कई सहयोगी जुड़े रहे।

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