दिल्ली। विश्व विकलांग दिवस 2025 के अवसर पर पूर्वांचल विचार मंच, दिल्ली द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला “दिव्यांगता : समावेशीकरण एवं अधिकारिता” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 3 दिसंबर 2025, बुधवार को सी-10/एन गाइड्स, काहिरपुर, दिल्ली-110095 में आयोजित हुआ।
इस कार्यशाला का उद्देश्य समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों, उनके सशक्तिकरण तथा समावेशी विकास को लेकर जागरूकता फैलाना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, स्थानीय लोग, युवा प्रतिनिधि तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। यह केवल सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सामूहिक सामाजिक दायित्व भी है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम, सरकारी योजनाओं, रोजगार अवसरों और सामाजिक समावेश को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी विकास, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर उपलब्ध कराने से दिव्यांग समुदाय आत्मनिर्भर बन सकता है।
इस आयोजन में इंडियन ऑयल, गेल इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित कई संस्थाएँ सहयोगी रहीं, जबकि कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर “ऑंखें न्यूज़” रहा। सहयोगी संस्थानों ने अपने वक्तव्य में कहा कि कॉर्पोरेट और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से ऐसे अभियानों को और मजबूत बनाया जा सकता है।
पूर्वांचल विचार मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य समाज में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में वे अधिक जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और सहायता योजनाओं से जुड़े आयोजन करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और दिव्यांग प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्थानीय समुदाय का योगदान सराहनीय रहा।
इस आयोजन ने दिल्ली-एनसीआर में दिव्यांग अधिकारों को लेकर एक सशक्त संदेश दिया कि समाज तभी प्रगतिशील बन सकता है जब वह हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करे।



