नई दिल्ली: संसद परिसर स्थित प्रेरणा-स्थल पर महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के कई प्रमुख नेताओं, सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और फुले जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महात्मा फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और असमानता के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का सबसे बड़ा माध्यम बताया और महिलाओं तथा वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।
इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने कहा कि महात्मा फुले के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
प्रेरणा-स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने यह साबित किया कि महात्मा ज्योतिबा फुले के विचार आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम हैं।



