Indo-Tibetan Border Police के जवान विकास सिंह की माँ के इलाज को लेकर कानपुर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि सांस की तकलीफ के इलाज के लिए भर्ती की गई उनकी माँ का कानपुर के कथित कृष्णा अस्पताल में हाथ काट दिया गया। घटना के बाद परिवार और ITBP जवानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि जवान विकास सिंह पिछले तीन दिनों से मामले में FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस के चक्कर काटते रहे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों को कटा हुआ हाथ दिखाने के बावजूद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी से नाराज होकर ITBP जवानों और समर्थकों ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव कर दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रदर्शन कर रहे लोग अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती।
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं और पुलिस कार्रवाई दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक सुरक्षा बल का जवान ही न्याय के लिए भटक रहा है तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी।
सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कानपुर में यह मामला अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है।



