गाजियाबाद। नंदग्राम क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। फातिमा कॉन्वेंट स्कूल के ठीक सामने एक बड़ा कूड़े का ढेर लग चुका है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और बदबू फैल रही है। इस कूड़े के ढेर में आवारा जानवर, विशेषकर गायें, प्लास्टिक और गंदगी में भोजन तलाशती दिखाई देती हैं। यह दृश्य न केवल शर्मनाक है, बल्कि हिंदू धर्म की भावनाओं को भी ठेस पहुँचाता है, क्योंकि गाय को पूजनीय माना जाता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम की टीम कई बार शिकायतों के बावजूद सफाई करने नहीं आती। बच्चे स्कूल जाते समय इस गंदगी से गुजरते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इलाके में मच्छरों, मक्खियों और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।
फातिमा कॉन्वेंट स्कूल के पास रहने वाले निवासियों ने बताया कि कूड़ा कई महीनों से नहीं उठाया गया है। नगर निगम के कर्मचारी केवल दिखावे के लिए कभी-कभी आते हैं, लेकिन असल में सफाई का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। आसपास के दुकानदारों और रिक्शा चालकों ने बताया कि इस गंदगी के कारण उनका व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि ग्राहक यहां रुकना नहीं चाहते।
गायें जो कि हमारे देश में “गौ माता” के रूप में पूजनीय हैं, उन्हें इस तरह कचरे में प्लास्टिक और गंदगी खाते देखना बेहद दर्दनाक है। प्लास्टिक खाने से गायों की जान को खतरा होता है और यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि नगर निगम गाजियाबाद पर सख्त कार्रवाई की जाए और नंदग्राम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के बावजूद यह स्थिति सवाल खड़े करती है कि आखिर गाजियाबाद जैसे विकसित शहर में लोग अब भी गंदगी में क्यों जीने को मजबूर हैं।
नंदग्राम के लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं, बल्कि पूरे शहर की छवि पर धब्बा है।



