नई दिल्ली: 8 मार्च को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नव युवा शक्ति संगठन द्वारा UGC की नई नीतियों के खिलाफ झंडा-डंडा के साथ जोरदार प्रदर्शन किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा त्यागी के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने हाथों में झंडा और डंडा लेकर नारेबाजी की और UGC से अपनी नीतियों को रोल बैक करने की मांग की। इस झंडा-डंडा प्रदर्शन ने राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया है।
प्रदर्शन के दौरान कृष्णा त्यागी ने कहा कि यह झंडा-डंडा किसी हिंसा का प्रतीक नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता और विरोध का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि UGC की नई नीतियां छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकती हैं।
त्यागी ने अपने संबोधन में कहा, “हम झंडा-डंडा लेकर आए हैं ताकि सरकार को यह संदेश दिया जा सके कि युवा अब चुप नहीं बैठेंगे। यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि जब तक UGC अपनी नीतियां वापस नहीं लेता, तब तक झंडा-डंडा के साथ यह आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर झंडा-डंडा प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में यह झंडा-डंडा आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि UGC के खिलाफ यह झंडा-डंडा प्रदर्शन आने वाले समय में शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय बहस को और तीखा कर सकता है।



