Thursday, June 25, 2026

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नंदकिशोर गुर्जर के पत्र पर अपूर्वा चौधरी का बड़ा पलटवार | फर्जी पत्रकार विवाद गाजियाबाद

गाजियाबाद में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के फर्जी पत्रकारों पर पत्र के बाद अपूर्वा चौधरी का सख्त बयान। प्रेस की आजादी और पत्रकार सुरक्षा पर बड़ा विवाद।

एक नेता तय नहीं करेगा कि पत्रकारिता कौन करेगा – अपूर्वा चौधरी का सख्त बयान

गाजियाबाद, 20 फरवरी 2026। लोनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा जिला सूचना अधिकारी को लिखे गए पत्र के बाद पत्रकारिता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधायक ने क्षेत्र में “फर्जी पत्रकारों” की बढ़ती गतिविधियों का आरोप लगाते हुए पंजीकृत पत्रकारों की सूची उपलब्ध कराने और कथित फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई की मांग की ह

इस पत्र के वायरल होने के बाद अपूर्वा चौधरी, अध्यक्ष – एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट, ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कोई नेता यह तय नहीं करेगा कि पत्रकारिता कौन करेगा। सवाल पूछना लोकतंत्र का मूल अधिकार है।”

अपूर्वा चौधरी ने आरोप लगाया कि जब स्थानीय पत्रकारों ने विधायक के साथ हुए दुर्व्यवहार की खबरें प्रमुखता से चलाई थीं, तब उन्हें फर्जी नहीं कहा गया। उन्होंने कहा कि अब यदि पत्रकार सत्ता से सवाल करते हैं तो उन्हें फर्जी बताना दोहरा मापदंड है।

हाल ही में पत्रकार आकाश गौड़ को कथित धमकी के मामले में संगठन ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया था। अपूर्वा ने चेतावनी दी कि पत्रकारों को डराने या बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इसे कमजोर करने की कोशिश लोकतंत्र को कमजोर करेगी।”

यह मामला गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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नंदकिशोर गुर्जर के पत्र पर अपूर्वा चौधरी का बड़ा पलटवार | फर्जी पत्रकार विवाद गाजियाबाद

गाजियाबाद में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के फर्जी पत्रकारों पर पत्र के बाद अपूर्वा चौधरी का सख्त बयान। प्रेस की आजादी और पत्रकार सुरक्षा पर बड़ा विवाद।

एक नेता तय नहीं करेगा कि पत्रकारिता कौन करेगा – अपूर्वा चौधरी का सख्त बयान

गाजियाबाद, 20 फरवरी 2026। लोनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा जिला सूचना अधिकारी को लिखे गए पत्र के बाद पत्रकारिता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधायक ने क्षेत्र में “फर्जी पत्रकारों” की बढ़ती गतिविधियों का आरोप लगाते हुए पंजीकृत पत्रकारों की सूची उपलब्ध कराने और कथित फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई की मांग की ह

इस पत्र के वायरल होने के बाद अपूर्वा चौधरी, अध्यक्ष – एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट, ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कोई नेता यह तय नहीं करेगा कि पत्रकारिता कौन करेगा। सवाल पूछना लोकतंत्र का मूल अधिकार है।”

अपूर्वा चौधरी ने आरोप लगाया कि जब स्थानीय पत्रकारों ने विधायक के साथ हुए दुर्व्यवहार की खबरें प्रमुखता से चलाई थीं, तब उन्हें फर्जी नहीं कहा गया। उन्होंने कहा कि अब यदि पत्रकार सत्ता से सवाल करते हैं तो उन्हें फर्जी बताना दोहरा मापदंड है।

हाल ही में पत्रकार आकाश गौड़ को कथित धमकी के मामले में संगठन ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया था। अपूर्वा ने चेतावनी दी कि पत्रकारों को डराने या बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इसे कमजोर करने की कोशिश लोकतंत्र को कमजोर करेगी।”

यह मामला गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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