Wednesday, June 24, 2026

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गाजियाबाद: गौतम पब्लिक स्कूल में 10वीं के छात्रों को एडमिट कार्ड न मिलने पर विवाद

गाजियाबाद के गौतम पब्लिक स्कूल, प्रताप विहार में 10वीं के छात्रों को एडमिट कार्ड न दिए जाने पर अभिभावकों का विरोध। प्रिंसिपल पूनम पर आरोप, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

Ghaziabad के प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्रों को एडमिट कार्ड न दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं दिया गया, जिससे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

परिजनों का कहना है कि कई बार स्कूल प्रशासन से संपर्क करने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कारणों और बकाया शुल्क जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों को परीक्षा से वंचित करने की कोशिश की जा रही है।

स्कूल की प्रिंसिपल पूनम पर अभिभावकों ने असहयोगात्मक व्यवहार का आरोप लगाया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या शिक्षा व्यवस्था में व्यावसायीकरण बढ़ रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों को मानसिक दबाव से बचाने के लिए स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद आवश्यक है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रों के हित में जल्द समाधान निकाला जाए।

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गाजियाबाद: गौतम पब्लिक स्कूल में 10वीं के छात्रों को एडमिट कार्ड न मिलने पर विवाद

गाजियाबाद के गौतम पब्लिक स्कूल, प्रताप विहार में 10वीं के छात्रों को एडमिट कार्ड न दिए जाने पर अभिभावकों का विरोध। प्रिंसिपल पूनम पर आरोप, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

Ghaziabad के प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्रों को एडमिट कार्ड न दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं दिया गया, जिससे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

परिजनों का कहना है कि कई बार स्कूल प्रशासन से संपर्क करने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कारणों और बकाया शुल्क जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों को परीक्षा से वंचित करने की कोशिश की जा रही है।

स्कूल की प्रिंसिपल पूनम पर अभिभावकों ने असहयोगात्मक व्यवहार का आरोप लगाया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या शिक्षा व्यवस्था में व्यावसायीकरण बढ़ रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों को मानसिक दबाव से बचाने के लिए स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद आवश्यक है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रों के हित में जल्द समाधान निकाला जाए।

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