Thursday, April 16, 2026

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अंबेडकर जयंती 2026 💙 135वीं जयंती | Jai Bhim Celebration | Dr BR Ambedkar

समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाई जा रही अंबेडकर जयंती, महू से देश तक गूंजा “जय भीम”

आज 14 अप्रैल 2026 को पूरे देश में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही सम्मान और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। हर साल 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाई जाती है, जिसे समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी याद किया जाता है।

डॉ. आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। वे भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे और उन्होंने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके विचार आज भी देश को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

https://youtu.be/vZ8CFM9i4a4

इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह से ही लोग अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर रहे हैं और “जय भीम” के नारों से वातावरण गूंज रहा है। कई शहरों में रैलियां निकाली गईं और सामाजिक संगठनों ने जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।

युवाओं में इस दिन को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। नीले झंडों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोग बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंबेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। यह दिन हमें उनके सिद्धांतों को अपनाने और समाज में बराबरी स्थापित करने की प्रेरणा देता है।

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अंबेडकर जयंती 2026 💙 135वीं जयंती | Jai Bhim Celebration | Dr BR Ambedkar

समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाई जा रही अंबेडकर जयंती, महू से देश तक गूंजा “जय भीम”

आज 14 अप्रैल 2026 को पूरे देश में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही सम्मान और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। हर साल 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाई जाती है, जिसे समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी याद किया जाता है।

डॉ. आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। वे भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे और उन्होंने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके विचार आज भी देश को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

https://youtu.be/vZ8CFM9i4a4

इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह से ही लोग अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर रहे हैं और “जय भीम” के नारों से वातावरण गूंज रहा है। कई शहरों में रैलियां निकाली गईं और सामाजिक संगठनों ने जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।

युवाओं में इस दिन को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। नीले झंडों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोग बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंबेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। यह दिन हमें उनके सिद्धांतों को अपनाने और समाज में बराबरी स्थापित करने की प्रेरणा देता है।

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