गाज़ियाबाद के पटेल मार्ग स्थित केशरी माता मंदिर के सामने कचरे का एक बड़ा ढेर लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों को इस मार्ग से गुजरते समय न केवल बदबू का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सड़क किनारे फैली गंदगी से संक्रमण का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि जहां यह कूड़ा जमा हुआ है, वहीं पीछे की दीवार पर “Save Earth”, “Save Water” और “Always Segregate the Waste” जैसे स्वच्छता जागरूकता संदेश लिखे हुए हैं, जो नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। यहाँ रोज़ाना कूड़ा फेंका जाता है और कई दिनों तक उठाया नहीं जाता। गंदगी की वजह से मच्छरों की बढ़ोतरी, दुर्गंध और बदहाल वातावरण आम बात हो गई है। लोगों ने कई बार गाज़ियाबाद नगर निगम में शिकायत की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
एक निवासी ने बताया, “यह समस्या हमेशा बनी रहती है। सफाई कर्मचारी कभी-कभी आते भी हैं तो सिर्फ उपरी तौर पर झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। कचरा उठाने की कोई पक्की व्यवस्था नहीं है।”
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कचरे के ढेर की वजह से उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहक इस मार्ग से गुजरना पसंद नहीं करते। वहीं मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी गंदगी देखकर नाराज़ हो जाते हैं।
नगर निगम द्वारा शहर को ‘स्वच्छ गाज़ियाबाद’ बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीन पर तस्वीर कुछ और ही दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह लापरवाही कब तक चलेगी? क्या गाज़ियाबाद नगर निगम इस समस्या को गंभीरता से लेगा या लोग यूं ही परेशान होते रहेंगे?
ऐसे समय में स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविकता भी संदेह के घेरे में आ जाती है। जब मुख्य सड़कों और धार्मिक स्थलों के सामने सफाई की बदहाली हो, तो अन्य इलाकों की हालत का अंदाज़ा सहज लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि क्षेत्र को इस गंदगी से निजात मिल सके।



