गाजियाबाद में अतिक्रमण और ओवरलोड वाहनों का आतंक, प्रशासन मौन
जल निगम प्लांट रोड से क्रॉसिंग रिपब्लिक तक नियमों की खुलेआम धज्जियाँ
गाजियाबाद।
गाजियाबाद के जल निगम प्लांट रोड, शांति नगर, विजय नगर थाना क्षेत्र और क्रॉसिंग रिपब्लिक से सटे इलाकों में अतिक्रमण और ओवरलोड वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि सड़कें अवैध कब्जों और भारी वाहनों की वजह से संकरी हो चुकी हैं, लेकिन नगर निगम और गाजियाबाद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, लोडर और बड़े ट्रक दिन-रात बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों के जरिए खुलेआम बिल्डिंग मैटेरियल की सप्लाई की जा रही है, जो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी खतरा बन चुका है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन वाहनों पर न तो नंबर प्लेट लगी होती है, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई देती है। इसके बावजूद न तो पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही है और न ही चालान की कार्रवाई नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह चुप्पी किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
अतिक्रमण और भारी वाहनों की अवैध आवाजाही के चलते क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
निवासियों का सवाल है कि यदि इस लापरवाही के चलते कोई बड़ा हादसा या जनहानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बड़े लोडर ट्रक, लंबी गाड़ियां और अवैध अतिक्रमण मिलकर पूरे इलाके को दुर्घटना संभावित ज़ोन में बदल चुके हैं।
स्थानीय नागरिकों ने गाजियाबाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और नियमित चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है, ताकि आम जनता और आपातकालीन सेवाओं को राहत मिल सके।



