लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता और किसानों के योगदान को रेखांकित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में खेती योग्य भूमि के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश के पास मात्र 11 प्रतिशत भूमि है, लेकिन इसके बावजूद राज्य अकेले देश के कुल खाद्यान्न की 21 प्रतिशत आपूर्ति करता है। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों की मेहनत और केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि तब संभव हो पाई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सभी आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा गया। सरकार ने कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार करते हुए उन्नत बीज, आधुनिक सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया।
उन्होंने बताया कि किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। ई-नाम मंडी, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और बेहतर सड़क व भंडारण सुविधाओं के माध्यम से किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराया गया है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल आबादी के हिसाब से ही नहीं, बल्कि कृषि उत्पादन के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व कर रहा है। डबल इंजन सरकार की नीतियों ने किसानों में आत्मविश्वास पैदा किया है और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। आने वाले समय में सरकार कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों को और सशक्त बनाएगी।



