Wednesday, April 22, 2026

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भरतपुर के जनाना अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल, पूर्व प्रत्याशी तपन शर्मा और मजदूर कांग्रेस ने जताई नाराज़गी

कर्मचारियों पर बदतमीजी के आरोप, रात में जांच नहीं होने से मरीज और परिजन परेशान

भरतपुर:
जिले के प्रमुख सरकारी संस्थानों में शामिल जनाना अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल के कर्मचारियों की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। भरतपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी तपन शर्मा ने अस्पताल स्टाफ पर बदतमीजी से बात करने के आरोप लगाए हैं। शर्मा ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार न होना बेहद चिंताजनक है।

तपन शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन पर यह भी आरोप लगाया कि यहां बेसिक व्यवस्था कमजोर है और कर्मचारियों पर कोई अनुशासनात्मक नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी जिम्मेदार सेवाओं में लापरवाही और अभद्रता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

इसी मुद्दे पर अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस, डीग के जिला अध्यक्ष पवन ठाकुर ने भी अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि जनाना अस्पताल में मरीजों को इलाज के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर रात के समय सोनोग्राफी और अन्य मेडिकल जांचें न होने से मरीजों की सटीक स्थिति का पता नहीं चल पाता, जिससे मरीज और परिजन बेहद परेशान रहते हैं।

पवन ठाकुर ने अस्पताल के एक कर्मचारी पुखराज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कर्मचारी मरीजों और उनके परिवारों से बेहद बदतमीजी से बात करता है। उन्होंने बताया कि पुखराज हर मरीज से तू-तू मैं-मैं करता है और व्यवहार में किसी तरह की विनम्रता दिखाई नहीं देती। ठाकुर ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को या तो सुधारना चाहिए या फिर ट्रांसफर/सस्पेंड करना चाहिए।

इस मौके पर आकाश लोधा, जिला अध्यक्ष (भरतपुर) – अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस, गौरव फौजदार पेघोर, और अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अस्पताल प्रशासन से मांग उठाई कि मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान की जाए और बदसलूकी करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जनाना अस्पताल पहले भी कई बार स्टाफ की लापरवाही, अव्यवस्था और मरीजों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार की वजह से चर्चा में रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

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भरतपुर के जनाना अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल, पूर्व प्रत्याशी तपन शर्मा और मजदूर कांग्रेस ने जताई नाराज़गी

कर्मचारियों पर बदतमीजी के आरोप, रात में जांच नहीं होने से मरीज और परिजन परेशान

भरतपुर:
जिले के प्रमुख सरकारी संस्थानों में शामिल जनाना अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल के कर्मचारियों की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। भरतपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी तपन शर्मा ने अस्पताल स्टाफ पर बदतमीजी से बात करने के आरोप लगाए हैं। शर्मा ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार न होना बेहद चिंताजनक है।

तपन शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन पर यह भी आरोप लगाया कि यहां बेसिक व्यवस्था कमजोर है और कर्मचारियों पर कोई अनुशासनात्मक नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी जिम्मेदार सेवाओं में लापरवाही और अभद्रता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

इसी मुद्दे पर अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस, डीग के जिला अध्यक्ष पवन ठाकुर ने भी अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि जनाना अस्पताल में मरीजों को इलाज के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर रात के समय सोनोग्राफी और अन्य मेडिकल जांचें न होने से मरीजों की सटीक स्थिति का पता नहीं चल पाता, जिससे मरीज और परिजन बेहद परेशान रहते हैं।

पवन ठाकुर ने अस्पताल के एक कर्मचारी पुखराज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कर्मचारी मरीजों और उनके परिवारों से बेहद बदतमीजी से बात करता है। उन्होंने बताया कि पुखराज हर मरीज से तू-तू मैं-मैं करता है और व्यवहार में किसी तरह की विनम्रता दिखाई नहीं देती। ठाकुर ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को या तो सुधारना चाहिए या फिर ट्रांसफर/सस्पेंड करना चाहिए।

इस मौके पर आकाश लोधा, जिला अध्यक्ष (भरतपुर) – अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस, गौरव फौजदार पेघोर, और अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अस्पताल प्रशासन से मांग उठाई कि मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान की जाए और बदसलूकी करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जनाना अस्पताल पहले भी कई बार स्टाफ की लापरवाही, अव्यवस्था और मरीजों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार की वजह से चर्चा में रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

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