भरतपुर। महाराजा सूरजमल यूथ ब्रिगेड द्वारा अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले सात दिनों से भरतपुर के यातायात चौराहे पर चल रहा धरना सोमवार को समाप्त हो गया। अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (डीग) पवन ठाकुर ने बताया कि प्रशासन द्वारा लिखित रूप में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।

संगठन की प्रमुख मांगों में लोहागढ़ किले से अवैध अतिक्रमण हटाना, किले की बुर्जों एवं ऐतिहासिक दरवाजों की मरम्मत, कक्षा 8 की पुस्तक में भरतपुर रियासत को गलत तरीके से अधीन प्रदर्शित किए जाने की त्रुटि को सुधारना, मेला मैदान में महाराजा जसवंत सिंह की प्रतिमा स्थापना, तथा करन सिंह माडापुरिया के समाधि स्थल से अवैध कब्जा हटाना शामिल था। संगठन का कहना है कि ये सभी मांगें भरतपुर के गौरव, इतिहास और धरोहर से सीधे जुड़ी हुई हैं।
पवन ठाकुर ने बताया कि सोमवार को यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई केंद्र पर “हल्ला बोल” कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस दबाव के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रशासन ने महाराजा सूरजमल स्मारक पर लगी क्षतिग्रस्त तलवार को ठीक कराने, कक्षा 8 की इतिहास पुस्तक में संशोधन प्रस्ताव भेजने, और बाकी मांगों पर भी तेजी से कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
आश्वासन से संतुष्ट होकर संगठन ने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा की। धरना स्थल पर संगठन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने निर्णय का स्वागत किया और कहा कि अगर प्रशासन वादे पूरे नहीं करता तो संगठन दोबारा आंदोलन करने में पीछे नहीं हटेगा।
महाराजा सूरजमल यूथ ब्रिगेड ने कहा कि वे भरतपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा और सही इतिहास को स्थापित कराने के लिए हमेशा संघर्षरत रहेंगे।



